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मंत्रिपरिषद के निर्णय- 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में केबिनेट: कई अहम फैसले : प्रदेश के राशनकार्ड धारक परिवारों को अगले दो माह का राशन एक साथ मिलेगा

ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव पर शुरू होगी ‘उदय योजना’  

नया रायपुर में बसाहट को प्रोत्साहित करने कई नागरिक
 सुविधाओं का होगा विकास
नई रेल लाइनों के विस्तार के लिए बनेगा 
राज्य और केन्द्र का संयुक्त उपक्रम

आबकारी नीति का भी हुआ अनुमोदन

 

 रायपुर, 05 फरवरी 2016

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज शाम यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

  •     खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद बैठक में पीडीएस के हितग्राहियों को माह मार्च 2016 और अप्रैल 2016 अर्थात् दो माह का राशन एक साथ देने का निर्णय लिया गया। खरीफ वर्ष 2015-16 में समर्थन मूल्य के अन्तर्गत  छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा भारतीय स्टेट बैंक से ली गई राशि 1000 करोड़ रूपए की साख सीमा के लिए राज्य शासन के द्वारा दी गई गारंटी प्रत्याभूति शुल्क 0.5 प्रतिशत के साथ 28 दिसम्बर 2016 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
  •     ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव पर बैठक में भारत सरकार की उदय योजना का अनुमोदन किया गया। इस योजना के तहत केन्द्र सरकार ने कोयले की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है, जिसके अन्तर्गत कोल इंडिया लिमिटेड अक्टूबर 2016 से धुले हुए कोयले तथा एक अप्रैल 2016 से क्रश्ड कोयले की आपूर्ति स्टेट सेक्टर के विद्युत उत्पादन संयंत्रों में करेगी। छत्तीसगढ़ के बिजली संयंत्रों में कोयले की गुणवत्ता में सुधार से संचालन दक्षता में सुधार आएगा। अधिक बिजली का उत्पादन कम लागत मूल्य पर किया जा सकेगा। जिसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। योजना के अन्तर्गत 3150 करोड़ रूपए के व्यय पर अधोसंरचना के विकास कार्य पूरे किए जाएंगे, जिसमें 239 नग 33/11 केव्ही के सब स्टेशन, 36 अति उच्च दाब विद्युत उपकेन्द्र तथा 220 केव्ही, 132 केव्ही, 11 केव्ही तथा एचटी लाईन के विस्तार के कार्य पूरे किए जाएंगे और अविद्युतिकृत ग्रामों एवं अपहुंच वाले आबादी तक बिजली की पहुंच हो सकेगी।
  •    आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रस्ताव पर बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार नया रायपुर में गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सुविधाओं के विकास तथा रोजगार मूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निजी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से रियायती दर पर भूमि उपलब्ध करायी जाएगी। इसके लिए योजना बनाई गई है। इस योजना के दायरे में मल्टी सुपर स्पेशिलियटी अस्पताल, इंटरनेशनल स्कूल, प्रदूषण रहित पर्यावरण हितैषी उद्योग, मनोरंजन पार्क, गोल्फ कोर्स, वेयर हाउस, फिल्म सिटी इत्यादि को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि नया रायपुर विकास प्राधिकरण (एन.आर.डी.ए) द्वारा विगत वर्षों में नया रायपुर की बसाहट को प्रोत्साहित करने और सार्वजनिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कई तरह के प्रयास किए गए हैं। इसी तारतम्य में वहां बसाहट को गति देने के लिए इस प्रकार की नागरिक सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए आज की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।  
  •   मंत्रिपरिषद में आज की बैठक में राज्य में अतिरिक्त नई रेल लाइन के विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ सरकार, रेल मंत्रालय और भारत सरकार के बीच संयुक्त उपक्रम कम्पनी बनाने का निर्णय लिया गया। इस कम्पनी के गठन के लिए रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य और उद्योग विभाग के बीच एम.ओ.यू. किया जाएगा। एम.ओ.यू. के तहत गठित की जाने वाली कम्पनी में छत्तीसगढ़ सरकार का अंश 51 प्रतिशत और रेल मंत्रालय का अंश 49 प्रतिशत होगा। प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम के माध्यम से व्यवहार्य (वायबल) रेल परियोजनाओं को चिन्हांकित कर उन पर अमल किया जाएगा।  छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान में 1187 रूट किमी रेल लाईन नेटवर्क है। राज्य में रेल घनत्व राष्ट्रीय औसत के आधे से भी कम है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के प्रयासों से दल्लीराजहरा-रावघाट 95 किमी, ईस्ट व ईस्ट-वेस्ट कॉरीडोर 311 किमी तथा रावघाट-जगदलपुर 140 किमी रेल्वे लाईन कुल 546 किमी रेल लाईन का निर्माण कार्य प्रगति पर है ।
  •     बैठक में आबकारी नीति 2016-17 का भी अनुमोदन किया गया। वित्तीय वर्ष 2016-17 में दुकानों की संख्यां में बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है। पूर्व वर्षों की तरह मदिरा दुकानों के आबंटन के लिए ऑन लाईन आवेदन मंगाए जाएंगे  और सभी जिलों में कम्प्यूटर कि माध्यम से लॉटरी निकालकर दुकानों का आबंटन किया जाएगा। भविष्य में केवल तीन सितारा होटल और उसके उपर के होटलों को ही बार लाइसेंस नियमानुसार जारी किए जाएंगे। वर्तमान में जो बार चालू हैं, उनके लाइसेंस की प्रक्रिया यथावत रहेगी। वित्तीय वर्ष 2016-17 में आबकारी ड्यूटी में वृद्धि का प्रस्ताव है, जिससे पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक अर्थात 3337.79 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। 

क्रमांक-5456/स्वराज्य

 

मंत्रिपरिषद की बैठक : कई महत्वपूर्ण फैसले

रायपुर 01 मार्च 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक आज दोपहर यहां विधानसभा परिसर स्थित मुख्य समिति कक्ष में आयोजित की गयी। बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय इस प्रकार हैं- 

  •  सरगुजा जिले के ओला वृष्टि प्रभावित किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना 2015 का लाभ दिलाया जाएगा। यह राहत योजना सूखा प्रभावित किसानो के लिए पहले ही घोषित की जा चुकी है। ज्ञातव्य है कि सरगुजा जिले के अम्बिकापुर, लुण्ड्रा, लखनपुर और बतौली के 78 गांवों में 29 अक्टूबर 2015 को ओला वृष्टि के कारण खरीफ फसल प्रभावित हुई है। इन तहसीलों में ओला वृष्टि और अल्प वर्षा से कुल सात हजार 140 किसान प्रभावित हुए थे, जिन्हें आर.बी.सी. 64 के तहत मुआवजा दिया जा चुका है। अब 29 अक्टूबर 2015 की ओला वृष्टि से प्रभावित लगभग एक हजार 445 किसानों ने सहकारी समितियों से तीन करोड़ 53 लाख रूपए का ऋण लिया है। इनमें से 302 किसानों की ऋण राशि 80 लाख 32 हजार रूपए लिकिंग के माध्यम से वसूल हो चुकी है। इनकी ऋण माफी की 25 प्रतिशत राशि बीस लाख आठ हजार रूपए होती है। शेष किसानों के अल्पकालीन ऋणों को अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना 2015ब्याज मुक्त मध्यकालीन ऋण में परिवर्तित किया जाएगा।
  •  पुलिस अधिकारियों और कर्मचारी के लिए दस हजार मकान बनाए जाएंगे। पुलिस हाऊसिंग कार्पोरेशन इनका निर्माण करेगा। 
  •  गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राज्य माध्यमिक शिक्षा मिशन द्वारा पूर्व में संचालित 72 मॉडल स्कूलों को आगामी शिक्षा सत्र से सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पी.पी.पी.) मोड में संचालित किया जाएगा। यह योजना ‘मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना’ के नाम से संचालित की जाएगी।  इन 72 में से 59 मॉडल स्कूलों के संचालन का दायित्व व्यावसायिक दृष्टिकोण से निजी संस्थाओ  के पास रहेगा। शेष 13 विद्यालय राज्य शासन द्वारा वेतन अनुदान एवं दस प्रतिशत संचालन राशि पर संचालित किए जाएंगे। इस योजना के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए जा चुके हैं, जिनके आधार पर इनके संचालन के लिए दस मार्च को संस्थाओं का चयन किया जाएगा।
  •  उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रदेश के शैक्षणिक रूप से पिछड़े 74 विकासखंडों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए मॉडल स्कूल स्थापित किए गए हैं। केन्द्र द्वारा मई 2015 में औपचारिक रूप से योजना को राज्य शासन को हस्तांतरित कर दिया गया है। वर्तमान में इनमें 17 हजार 722 अध्ययनरत हैं। 
  •  इन 74 मॉडल स्कूलो मे से बोड़ला (जिला कबीरधाम) और कुसमी (जिला बलरामपुर) को छोड़कर शेष 72 का संचालन शिक्षा सत्र 2016-17 से निजी संस्थाओं के माध्यम से कराए जाने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक इनमें अध्यापन की व्यवस्था है। अब सत्र 2016-17 से इनमें कक्षा पहली से बारहवीं तक निजी संस्थाओं के माध्यम से अध्यापन कार्य कराया जाएगा। योजना का संचालन मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना के नाम से होगा। वर्तमान में इनमें कक्षा छठवीं से ग्यारहवीं तक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यार्थियों को बारहवीं तक उत्तीर्ण कराने की जिम्मेदारी निजी संस्थाओं की होगी। कुल 72 मॉडल स्कूलों में से 59 मॉडल स्कूलों के संचालन का दायित्व व्यावसायिक दृष्टिकोण से निजी संस्थाओं के पास रहेगा। शेष 13 विद्यालय राज्य शासन द्वारा वेतन अनुदान एवं 10 प्रतिशत संचालन राशि पर संचालित होंगे। इन 59 मॉडल स्कूलों में बच्चों के नामांकन में से 2/3 हिस्सा निजी संस्थाओं का होगा, जिसके लिए वो व्यावसायिक दर पर फीस निर्धारित कर सकेंगे। शेष 1/3 हिस्सा शासकीय कोटा का होगा, जिसमें 25 प्रतिशत बच्चों का नामांकन शिक्षा का अधिकार अधिनियम का होगा। 
  •  बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 13 मॉडल स्कूल का संचालन राज्य शासन की देख-रेख में किया जाएगा। इन विद्यालयों में सभी शिक्षकीय एवं गैर शिक्षकीय पदों पर कर्मचारियों को रखने की जिम्मेदारी निजी संस्था को दी जाएगी। इन 13 विद्यालयो के सभी बच्चों का दाखिला शासकीय कोटे से किया जाएगा। अतः विद्यालय संचालन के लिए एक मुश्त राशि प्रतिवर्ष अनुदान के रूप में निजी संस्था को दी जाएगी।
  •  मंत्रिपरिषद ने आज की बैठक में चार विधेयकों के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया, जिनमें छत्तीसगढ़ पंचायतराज अधिनियम 1993 (क्रमांक-1 सन 1994) की (धारा 36 संशोधन) विधेयक, छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान (संशोधन) विधेयक 2016, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 में (संशोधन) विधेयक 2016 और छत्तीसगढ़ राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध (संशोधन) विधेयक 2016 शामिल हैं। 


क्रमांक-5897/स्वराज्य

मंत्रिपरिषद के निर्णय

रायपुर 17 मार्च 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज मंत्रिपरिषद की बैठक बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में चार संशोधन विधेयक अनुमोदित किए गए, जो इस प्रकार हैं:-
1.    छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम (संशोधन) विधेयक 2016,
2.    छत्तीसगढ़ नगर पालिका (संशोधन) विधेयक 2016,
3.    छत्तीसगढ़ राज्य में अनाधिकृत विकास को नियमित करने हेतु छत्तीसगढ़ अनाधिकृत विकास का नियमितिकरण अधिनियम 2002 में संशोधन हेतु विधेयक।
4.    माननीय मुख्यमंत्री जी के बजट भाषण वर्ष 2016-17 में कर प्रस्तावों के सम्बंध में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ मूल्य सवंर्धित कर अधिनियम 2005 में संशोधन हेतु विधेयक

सामान्य प्रशासन विभाग
शासकीय सेवकों के निधन पर अनुकम्पा नियुक्ति के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 10 जून 2013 की कंडिका 3 (1) (ग) एवं परिपत्र दिनांक 16 जून 2013 की कंडिका 5 (ग) में उल्लेखित शब्द ’अविवाहित’ को विलोपित करने का निर्णय लिया गया। इसके स्थान पर ’भाई/बहन संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 16 जून 2013 की कंडिका-6 में अविवाहित शासकीय सेवक का निधन होने पर उसके माता-पिता की अनुशंसा पर भाई/अविवाहित बहन को अनुकम्पा नियुक्ति की पात्रता का प्रावधान है। इस कंडिका-6 की तीसरी पंक्ति में उल्लेखित भाई/अविवाहित बहन के स्थान पर ’भाई/बहन’ संशोधित करने का निर्णय लिया गया।
श्रम विभाग
श्रम विभाग द्वारा संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए श्रमायुक्त संगठन के अंतर्गत अपर श्रम आयुक्त के एक अतिरिक्त पद की स्वीकृति का निर्णय लिया गया।


क्रमांक-6112/स्वराज्य


मंत्रिपरिषद की बैठक

रायपुर, 21 मार्च 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज अपरान्ह यहां विधानसभा परिसर में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विचार-विमर्श के बाद दो संशोधन विधेयकों के प्रारूप का अनुमोदन किया गया, जिनमें छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 की उप-धारा (3) और उप-धारा (4) में संशोधन विधेयक 2016 और छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य (वेतन तथा भत्ता) अधिनियम 1972 (क्र.7, सन 1973) में संशोधन हेतु विधेयक 2016 का प्रारूप शामिल है।

क्रमांक- 6187/स्वराज्य


मंत्रिपरिषद की बैठक

रायपुर, 30 मार्च 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा परिसर स्थित मुख्य समिति कक्ष में मंत्रिपरिषद की बैठक सम्पन्न हुई।

 

मंत्रिपरिषद की बैठक

 रायपुर, 27 अप्रैल 2016


 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

1.सामाजिक-आर्थिक एवं जातीय जनगणना 2011 के आंकड़ों का अनुमोदन किया गया। अनुमोदित मानकों के अनुसार जिलावार राज्य तथा केन्द्र पोषित योजनाओं में हितग्राहियों का चयन किया जाएगा।
2.सेवाकाल के दौरान शासकीय सेवक की मृत्यु होने पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने के लिए पुत्रवधु को भी अनुकम्पा नियुक्ति देने का प्रावधान करने का निर्णय लिया गया ।
3.हेलमेट नहीं पहनने वाले दो-पहिया चालकों अथवा उस पर सवार व्यक्ति पर वर्तमान में निर्धारित शमन शुल्क की राशि 500 रूपए से घटाकर 200 रूपए करने का निर्णय लिया गया।
4.बैठक में प्रदेशव्यापी लोक सुराज अभियान पर भी चर्चा की गई । किसानों को फसल बीमा की राशि का भुगतान कराने तथा खसरा एवं नक्शा निःशुल्क उपलब्ध कराने पर विचार-विमर्श किया गया।

क्रमांक-506/कुशराम

 

 

मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

लगभग पौने दो लाख पंचायत प्रतिनिधियों के लिए एक जुलाई से शुरू होगी ‘हमर छत्तीसगढ़’ योजना


रायपुर, 16 मई 2016

 

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘हमर छत्तीसगढ़’ योजना के अनुमोदन सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 

बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने मीडिया को केबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने ‘हमर छत्तीसगढ़’ योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत  राज्य के लगभग पौने दो लाख पंचायत प्रतिनिधियों और नगर पंचायतों के पार्षदों को अगले समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर अगले दो वर्ष तक राजधानी रायपुर और नया रायपुर का अध्ययन भ्रमण कराया जाएगा। उन्हें भिलाई इस्पात संयंत्र सहित प्रदेश के अन्य उद्योगों का भी दौरा कराया जाएगा। ये पंचायत प्रतिनिधि अपने गांव की मिट्टी, वहां का पानी और वहां की स्थानीय प्रजातियों के पौधे लाएंगे जिन्हें नया रायपुर के बॉटनिकल गार्डन में लगाया जाएगा। इससे नया रायपुर के साथ उनका और पूरे प्रदेशवासियों का भावनात्मक जुड़ाव होगा। उन्होंने बताया कि यह योजना एक जुलाई 2016 से शुरू की जाएगी। इसके अन्तर्गत प्रदेश की 10971 ग्राम पंचायतों के एक लाख 71 हजार निर्वाचित प्रतिनिधियों और 111 नगर पंचायतों के एक हजार 986 पार्षदों को अगले दो साल में छत्तीसगढ़ सरकार की विगत एक दशक की उपलब्धियों के बारे में बताया जाएगा। उन्हें प्रदेश में कृषि, उद्योग तथा विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे विकास के बारे में रू-ब-रू कराया जाएगा। इन सभी  जन-प्रतिनिधियों को अगले दो साल में रायपुर का भ्रमण कराया  जाएगा। प्रत्येक दल में लगभग पांच सौ प्रतिभागीं होंगे। उनके भोजन और आवास की उचित व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए 626 दिवस का कार्यक्रम बनाया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए एक जुलाई 2016 से 30 जून 2018 तक की समयावधि रखी है। प्रतिभागियों के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय नया रायपुर सांईंस सेंटर, बॉटनीकल गार्डन, मंत्रालय, विधान सभा, पुरखौती मुक्तांगन, ऊर्जा पार्क, शापिंग मॉल और फाईव डी सिनेमा स्थलों का भ्रमण प्रस्तावित है। इसके साथ ही कुछ प्रतिभागियों को भिलाई स्टील प्लांट का भी भ्रमण कराया जाएगा। प्रतिभागियों के लिए सायंकाल में राज्य होटल प्रबंधन संस्थान में संस्कृति विभाग के द्वारा सांस्कृति कार्यक्रम भी रखा जाएगा। 
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘हमर छत्तीसगढ़’ योजना के सफल क्रियान्वयन, समन्वय तथा समय-समय पर आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए राज्य स्तर निर्णय लेने के लिए मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सशक्त समिति का गठन किया जाएगा। समिति में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सदस्य सचिव और प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग सचिव वित्त विभाग, सचिव स्वास्थ्य विभाग, सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, सचिव संस्कृति एवं पर्यटन विभाग, सचिव जनसम्पर्क विभाग, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर तथा कलेक्टर रायपुर सदस्य होंगे। 
आईआईटी भिलाई को नया रायपुर में निःशुल्क जमीन

डॉ. रमन सिंह ने बताया कि मंत्रिपरिषद में आज आई.आई.टी. भिलाई को इण्डस्ट्री इन्टरएक्शन सेन्टर और रिसर्च पार्क के लिए नया रायपुर के ग्राम बंजारी में दस एकड़ भूमि देने का भी निर्णय लिया गया। यह भूमि कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा आई.आई.टी. को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। 

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लिए समयबद्ध कार्यक्रम 

राज्य में 25 लाख गरीब परिवारों को दो वर्ष में दिए जाएंगे रसोई गैस कनेक्शन 

डॉ. रमन सिंह ने यह भी बताया कि मंत्रिपरिषद ने आज की बैठक में प्रधान मंत्री उज्जवला योजना पर अमल के लिए कार्य योजना को भी अंतिम रूप दिया। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। केन्द्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री श्री धमेन्द्र प्रधान के साथ रायपुर में इस महीने की सात तारीख को आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केन्द्र की इस योजना में अपनी भागीदारी की पेशक की जा चुकी है। मंत्रिपरिषद की आज की बैठक में इस योजना के लिए समयबद्ध कार्यक्रम की रूप रेखा तय की गई। इसके अंतर्गत  छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा (बी.पी.एल.) श्रेणी के 25 लाख परिवारों को घर की महिलाओं के नाम पर अगले दो साल में प्रति हितग्राही  सिर्फ  200 रूपए लेकर गैस कनेक्शन दिया जाएगा। उन्हे राज्य शासन द्वारा डबल बर्नर स्टोव और प्रथम रिफिल सिलेण्डर दिया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष 2016-17 में 10 लाख और अगले वित्तीय वर्ष 2017-18 में 15 लाख हितग्राहियों को गैस कनेक्शन दिए जाएंगे।  योजना के दिशा-निर्देशों के निर्धारण तथा प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सशक्त समिति का गठन किया जाएगा। समिति के सदस्यों में अपर मुख्यसचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा विभाग, प्रमुख सचिव वन, प्रमुख सचिव आवास पर्यावरण, सचिव वित्त विभाग, सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सचिव खनिज विभाग, सचिव श्रम विभाग, सचिव सहकारिता विभाग और राज्य स्तरीय समन्वयक, आइल मार्केटिंग कम्पनी शामिल रहेंगे। प्रदेश में प्राथमिक वनोंपज सहकारी समितियों/संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को एल.पी.जी. वितरक लायसेंस प्रदाय करने का प्रस्ताव भी केन्द्र शासन को भेजा जाएगा।
बंद और बीमार उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन नीति 2016 का अनुमोदन

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में नये औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश सरकार की यह भी सोच है कि बंद या बीमार उद्योगों को फिर से शुरू करवाया जाए और बीमार उद्योगों की हालात सुधारी जाए, ताकि राज्य में पूंजी निवेश और रोजगार बढ़े तथा राज्य शासन के राजस्व में भी वृद्धि हो। इसके लिए आज विशेष प्रोत्साहन नीति 2016 का अनुमोदन किया गया, जिसमें बंद उद्योगों की अवरूद्ध भूमि और अन्य सम्पतियों का पुनः उपयोग शुरू करवाने, पुनर्वास योग्य बीमार और बंद उद्योगों को फिर से चालू करवाने के लिए उद्यमियों, वित्तीय संस्थाओं और बैंकों से सहयोग दिलाने जैसे कई प्रावधान शामिल है। राज्य में ऐसे उद्योगों की संख्या लगभग 97 है, जिनमें करीब एक हजार 70 करोड़ रूपए का निवेश संभावित है और लगभग नौ हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस विशेष नीति के तहत ऐसे उद्योगों को क्रय करने और उनके पुनः संचालन के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा सकेगा, क्योंकि इस नीति में बीमार अथवा बंद उद्योगों को फिर से शुरू करने के लिए स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क से पूर्ण छूट दी जाएगी। औद्योगिक क्षेत्रों अथवा भूमि बैंकों में उद्योग स्थापित होने की दशा में प्रचलित भू-प्रब्याजि का 15 प्रतिशत के स्थान पर 5 प्रतिशत की दर से भूमि हस्तांतरण शुल्क की सुविधा मिलेगी और राज्य की औद्योगिक नीति वर्ष 2014-19 के तहत औद्योगिक निवेश के लिए आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।  
पीडीएस राशन दुकानों के लिए खुले बाजार से शक्कर खरीदी का निर्णय
डॉ. रमन सिंह ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की राशन दुकानों के लिए 19 हजार 500 मीट्रिक टन शक्कर खुले बाजार से नियमानुसार खरीदने का निर्णय लिया ताकि राशन कार्डधारक उपभोक्ताओं को दिसम्बर 2016 तक शक्कर की निर्बाध आपूर्ति की जा सके । उन्होंने बताया कि प्रदेश में पीडीएस में शक्कर की वार्षिक आवश्यकता 72हजार मीट्रिक टन है। इस बार सूखे के कारण गन्ने का उत्पादन कम होने से आगे केवल 23 हजार 312 मीट्रिक टन शक्कर की आपूर्ति अगले साढे तीन माह के लिए अर्थात जून से सितम्बर मध्य तक की जा सकेगी। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा माह मई 2016 तक राज्य के सभी प्रदाय केन्द्रों को 5 हजार मीट्रिक टन शक्कर उपलब्ध करा दी गई है शेष एक हजार मीट्रिक टन का उठाव कवर्धा के कारखाने से जारी है। कवर्धा जिले में स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना और सूरजपुर जिले के मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाने से प्राप्त हो सकने वाली 23 हजार 312 मीट्रिक टन शक्कर अगले साढे तीन माह के लिए पर्याप्त होगी अर्थात् जून,जुलाई, अगस्त और मध्य सितम्बर 2016 तक निगम को यह शक्कर सहकारी कारखानों से उपलब्ध हो पाएगी इसके बाद मध्य सितम्बर 2016 से दिसम्बर 2016 तक आवश्यक शक्कर की मात्रा 19 हजार 500 मीट्रिक टन खुले बाजार से खरीदने की जरूरत होगी। इसे ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया। 


 क्रमांक-935/स्वराज्य

मंत्रिपरिषद की बैठक : कई महत्वपूर्ण निर्णय

प्रदेश के पांच नगर निगमों की सड़कें एल.ई.डी. से होंगी रौशन

बस्तर-सरगुजा में 31 दिसम्बर 1997 के पहले तदर्थ
नियुक्त चिकित्सा अधिकारी होंगे नियमित

आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा अधिकारियों के
100 पद लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे


आठ वर्ष या उससे ज्यादा सेवा अवधि के संविदा यूनानी चिकित्सा अधिकारियों की सेवाएं रहेंगी निरंतर

    रायपुर, 10 जून 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय इस प्रकार हैंः-

  • प्रदेश के पांच नगरनिगमों क्रमशः रायपुर, भिलाई, राजनांदगांव, बिलासपुर और कोरबा में सड़क प्रकाश व्यवस्था में पारम्परिक लाईट के स्थान पर एल.ई.डी. लाईट लगाने का निर्णय लिया गया। इन निकायों में एल.ई.डी. लगाने तथा रख-रखाव के लिए भारत सरकार के चार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम-एनटीपीसी, पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, पावर फायनेंस कारपोरेशन, रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कारपोरेशन लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम ईईएसएल को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कन्सलटेंसी (पीएमसी) नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया ।
  • राज्य के सुदूर अंचल बस्तर और सरगुजा संभागों में 31 दिसम्बर 1997 के पूर्व तदर्थ आधार पर नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों को नियमित किया जाएगा।
  • राज्य में कार्यरत तदर्थ चिकित्सा अधिकारियों के नियमितीकरण के लिए पात्रता का निर्धारण करने के लिए आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में छानबीन समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं सदस्य सचिव और शासन द्वारा नामांकित संयुक्त सचिव/ उप सचिव सदस्य होंगे। छानबीन समिति की अनुशंसा के आधार पर शासन द्वारा नियुक्ति आदेश जारी किया जाएगा।
  • आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी, होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी तथा यूनानी चिकित्सा अधिकारी के लगभग 100 पद पुनः लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे।
  • मंत्रिपरिषद ने यूनानी चिकित्सा के तदर्थ संविदा पर नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों को, जिनकी सेवा अवधि आठ वर्ष या उससे ज्यादा हो चुकी है, उन्हें संविदा यूनानी चिकित्सा अधिकारी के पद पर निरंतर रखने का भी निर्णय लिया।

क्रमांक- 1387/कुशराम
 

मंत्रिपरिषद की बैठक

 किसानों और ग्रामीणों में हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय : हार्वेस्टर्स को वाहन कर से पूर्णत: छूट

ग्रामोद्योग नीति वर्ष 2016-2021 का अनुमोदन

 राज्य के ग्यारह हजार किसानों को न्यूनतम दर पर मिलेंगे सोलर सिंचाई पम्प

रायपुर 05 जुलाई 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों और ग्रामीणों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने केबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
    डॉ. सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 की धारा 21 के अर्न्तगत कम्बाईण्ड हार्वेस्टर वाहन को कर में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।राज्य में वर्तमान में 660 हार्वेस्टर हैं। खेती में इनका उपयोग लगातार बढ़ रहा है। हर साल लगभग 150 नये हार्वेस्टरों की खरीदी होती है। इसलिए खेती के आधुनिकीकरण और किसानों की सुविधा की दृष्टि से यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण है। इससे राज्य में उन्नत खेती को बढ़ावा मिलेगा। इस वाहन पर वर्तमान में प्रति तिमाही 2900 रूपए का कर देय होता है, जिस पर पूर्णतः छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज की बैठक में ग्रामोद्योग नीति 2016-2021 का अनुमोदन किया गया । अनुमोदित नीति में ग्रामोद्योग से जुड़े समस्त व्यवसायों के माध्यम से राज्य में लगभग 07 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। नवीन ग्रामोद्योग नीति के क्रियान्वयन से आगामी पांच वर्षों में कारीगरों एवं शिल्पियों विशेषकर कमजोर वर्गों और महिलाओं को सतत रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। खादी एवं ग्रामोद्योग के अन्तर्गत वर्तमान में 35000 यूनिटों के माध्यम से 1.15 लाख लोगों को रोजगार मिलता है, जिसे बढ़ाकर 50000 इकाई और 02 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य होगा। प्रतिवर्ष लगभग 60 करोड़ रूपए के रेशम वस्त्रों का निर्यात होता है, जिसे बढ़ाकर 100 करोड़ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रेशम उद्योग के माध्यम से राज्य में वर्तमान में एक  लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध होता है, जिसे बढ़ाकर 3 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। रेशम उद्योग में लगभग 20 करोड़ पालित/नैसर्गिक ककून और 350 मीटरिक टन वार्षिक कोसा धागा उत्पादन में वृद्धि कर 1200 मीटरिक टन कोसा धागा उत्पादन का लक्ष्य है। हस्तशिल्प उद्योग में प्रतिवर्ष 20 हजार लोगों को रोजगार मिलता है, जिसे बढ़ाकर नई नीति में 70 हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने बताया कि माटी शिल्प  में प्रतिवर्ष राज्य के 12 हजार शिल्पियों को रोजगार मिलता है, जिसे नई ग्रामोद्योग नीति में बढ़ाकर 20 हजार शिल्पियों को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने बताया कि अनुमोदित ग्रामोद्योग नीति के अनुसार राज्य में ग्रामोद्योग उत्पादों के डिजाईन, गुणवत्ता, मूल्य अभिवृद्धि हेतु राष्ट्रीय संस्थाओं-निफ्ट, टेक्सटाईल कमेटी, एन.आई.डी. आदि संस्थाओं की स्थापना का प्रयास किया जाएगा। राज्य के 60 वर्ष से अधिक उम्र के शिल्पियों/कारीगरों को मासिक आर्थिक सहायता देने का प्रयास किया जाएगा। परम्परागत शिल्पकारों के बच्चों को शिल्प डिजाईन की उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय संस्थानों में अध्ययन हेतु सहायता उपलब्ध करायी जाएगी।
     मुख्यमंत्री ने बताया कि केबिनेट की आज की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार सिंचाई में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में ग्यारह हजार सोलर पम्पों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए कृषक ज्योति योजना और पम्पों के ऊर्जीकरण की योजना हेतु जारी विभागीय दिशा निर्देशों में संशोधन का प्रस्ताव अनुमोदित किया गया। 
 उन्होंने बताया कि यह  425 करोड़ रूपए की योजना होगी। इसमें 132 करोड़ रूपए केन्द्र का अशंदान और शेष राज्य सरकार की ओर से होगा। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 11000 सोलर पम्प कृषक जीवन ज्योति योजना के तहत दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों को ये सोलर पम्प रियायती और न्यूनतम मूल्य पर दिए जाएंगे। इसमें अनुसूचित जाति और जनजाति के हितग्राहियों को 3 एचपी के सोलर पम्पों के लिए सिर्फ 7 हजार रूपए और 5 एचपी के लिए सिर्फ 10 हजार रूपए देना  होगा। अन्य पिछ़ड़ा वर्ग के हितग्राहियों से 3 एचपी के लिए मात्र 12 हजार रूपए और 5 एचपी  के लिए मात्र 15 हजार रूपए लिए जाएंगे। सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 3 एचपी के लिए 18 हजार रूपए और 5 एचपी के लिए 20 हजार रूपए देना होगा। डॉ. सिंह ने बताया कि सोलर पम्पों के माध्यम से  नदी नालों और एनीकटों में किसानों को मिलेगी बेहतर सिंचाई सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस दिशा में प्रारंभ से ही प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी सोलर पम्पों को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों की तारीफ की है। 


क्रमांक-1805/स्वराज्य

 

मंत्रिपरिषद की बैठक

रायपुर, 15 जुलाई 2016

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक आज यहां विधानसभा परिसर स्थित मुख्य समिति कक्ष में आयोजित की गई।

 

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज सम्पन्न केबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर 10 अगस्त 2016

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित केबिनेट की बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

  • विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली की दरों  में राहत हेतु 545 करोड़ रूपए का पैकेज
  • मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के आम उपभोक्ताओं , किसानों और उद्योगों को विद्युत की दरों में रियायत देने का निर्णय लिया गया।
  • प्रदेश के 40 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को 37 पैसे प्रति यूनिट व्हीसीए चार्जेस के भुगतान से मार्च 2017 तक छूट दी जाएगी। इसके लिए राज्य शासन द्वारा 95.61 करोड़ रूपए का अनुदान दिया जाएगा। 
  • प्रदेश के 3.46 लाख किसानों को निःशुल्क विद्युत की पात्रता तक 37 पैसे प्रति यूनिट व्हीसीए चार्जेस के भुगतान से छूट दी जाएगी। इसके लिए राज्य शासन द्वारा 94.78 करोड़ रूपए का अनुदान दिया जाएगा।
  • छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी से विद्युत प्राप्त कर रहे प्रदेश के मिनी स्टील उद्योग एवं रि-रोलिंग मिलों को ऊर्जा प्रभार में 1.40 रूपए प्रति यूनिट की रियायत मार्च 2017 तक दी जाएगी। इसके लिए राज्य शासन द्वारा 355 करोड़ रूपए का अनुदान दिया जाएगा।
  • साधारण प्रकृति के प्रकरणों को न्यायालय से वापस लिए जाने हेतु निर्धारित अवधि में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया। भारतीय दण्ड विधान के अन्तर्गत धारा 294,323,279,336,341,342,337,447,448,506 के प्रकरण,  आबकारी अधिनियम 34 (ए), मोटर व्हीकल अधिनियम, पुलिस एक्ट, सार्वजनिक द्यूत अधिनियम की धारा 13, अन्य ऐसे अपराध जिनमें छह माह तक के कारावास तथा 5000 रूपए तक जुर्माने का प्रावधान है, आयुध अधिनियम की धारा 25 (1) (बी)(बी) के प्रकरण जिनमें चाकू या छुरी गैर आग्नेय अस्त्र जप्ती से संबंधित अधिकतम 3 वर्ष के कारावास तथा जुर्माने से दंडित होने वाले अपराध के प्रकरणों की वापसी की अवधि 31 दिसम्बर 2011  से बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2014 किया गया है। 
  • इसी तरह छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 के अन्तर्गत आदिवासी उपयोजना/अनुसूचित क्षेत्रों के आदिवासियों के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों की अवधि 31 दिसम्बर 2012 से बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2015 करने का निर्णय लिया गया है। 
  •  उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में माह मई 2016 के दूसरे पखवाड़े तक कुल 1892 प्रकरणों में जिला दण्डाधिकारियों द्वारा प्रकरण वापसी हेतु आदेश जारी कर दिए गए हैं। इनमें से कुल 1718 प्रकरणों पर वापसी हेतु अनुमोदित प्रकरणों में न्यायालय के समक्ष आवेदन  लगाए गए हैं। 
  • छत्तीसगढ़ मोटर यान कराधान अधिनियम 1991 की धारा 21 के तहत छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच पारस्परिक यातायात समझौता के तहत मध्यप्रदेश के वाहनों को छत्तीसगढ़ में लॉजी अथवा साल्हेटेकरी की ओर से आने वाले वाहनों को डोंगरगढ़ तक और अमरकंटक अथवा डिंडौरी की ओर से आने वाले वाहनों को कबीर चबूतरा तक वाहनों को मध्यप्रदेश राज्य का टैक्स जमा होने की स्थिति में संचालन करने पर कर से छूट दी जाएगी।रायपुर तथा बिलासपुर में स्मार्ट सिटी विशेष परियोजना के क्रियान्वयन के लिए विशेष प्रयोजन यान (स्पेशल परपज व्हीकल) का गठन करने का निर्णय लिया गया।
  • सभी 146 ब्लॉक मुख्यालयों में शासकीय कर्मचारियों के लिए शासकीय आवास निर्माण का निर्णय लिया गया। योजना का क्रियान्यवन छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा किया जाएगा। इसके अन्तर्गत विभिन्न श्रेणियों के लगभग 6424 मकान बनाए जाएंगे। इसमें लगभग 827 करोड़ रूपए का अनुमानित व्यय संभावित है। आवास निर्माण के लिए शासकीय भूमि जिला कलेक्टरों द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना को दो वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य है। 
  • शासकीय कर्मचारियों के लिए भारत सरकार की अधिसूचनाओं के अनुरूप छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भी राज्य भविष्य निधि में ब्याज दर एक अप्रैल 2016 से 30 सितम्बर 2016 तक की अवधि के लिए 8.1 प्रतिशत निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। यह सामान्य भविष्य निधि और अंशदायी भविष्य निधि पर लागू होगा।
  • संचालनालय अल्प बचत एवं राज्य लॉटरीज का विलय संस्थागत वित्त संचालनालय में करने के लिए छत्तीसगढ़ कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन किया जाएगा।   क्रमांक-2361/कुशराम

 

मंत्रि परिषद की बैठक

रायपुर, 22 अगस्त 2016

  • मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज सवेरे यहां विधानसभा के समिति कक्ष में मंत्रि परिषद की बैठक आयोजित की गई।

 

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में अहम फैसला : छत्तीसगढ़ में जल्द शुरू होगी घरेलू विमान सेवा जगदलपुर, अम्बिकापुर, रायगढ़ और बिलासपुर को मिलेगा लाभ

केबिनेट ने गुड़िया, गुड़ीया, जोगी, नाथजोगी, गवेल, गभेल, थुरिया 
और थुड़िया जाति को पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल करने की दी स्वीकृति

रायपुर 8 सितम्बर 2016

 

राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख शहरों को हवाई यातायात से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मुख्यमंत्री निवास में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सभी प्रमुख शहरों को घरेलू वायु सेवा से जोड़ने का फैसला किया गया । इस फैसले से जगदलपुर, अम्बिकापुर, रायगढ़ और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों को लाभ मिलेगा। 
        मुख्यमंत्री डॉ. सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार नवीन केन्द्रीय विमानन नीति 2016 के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर विमान यातायात सुविधा बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार के साथ एम.ओ.यू. किया जाएगा। केन्द्र सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना अथवा रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत भारत सरकार विमान सेवा देने वाली कम्पनियों को रियायती दरों पर इसके लिए अवसर देगी। इस योजना के तहत उन शहरों को जोड़ने का प्रस्ताव है, जहां विमान सेवाएं या तो लम्बे समय से बंद है या शुरू नहीं हो सकी है। 
    छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा की गई अनुशंसा के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के अन्य पिछड़ा वर्गों की सूची में गुड़िया, गुड़ीया, जोगी, नाथजोगी, गवेल, गभेल, थुरिया, थुड़िया को भी शामिल करने की स्वीकृति केबिनेट ने दी।    छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम 2011 (क्रमांक-19 सन 2012) में संशोधन के लिए अध्यादेश लाया जाएगा। वर्तमान में राज्य शासन द्वारा उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश अथवा अधिसमय वेतनमान की श्रेणी से अनिम्न सेवारत या सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश को अध्यक्ष नियुक्त करने का प्रावधान है। संशोधन अध्यादेश के अनुसार इसमें भाड़ा नियंत्रण अधिकरण में राज्य शासन द्वारा उच्च न्यायालय के परामर्श से अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। 

 

क्रमांक-2877/कुशराम

 

मंत्रिपरिषद का फैसला : छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर 15 नवम्बर से 31 जनवरी तक होगी धान खरीदी

मक्के की खरीदी 15 नवम्बर से 31 मई तक

रायपुर, 27 सितम्बर 2016

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में पिछले साल की तरह इस वर्ष भी राज्य की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के उपार्जन केन्द्रों में धान की खरीदी 15 नवम्बर से शुरू करने का निर्णय लिया गया। धान खरीदी 31 जनवरी 2017 तक चलेगी। इस दौरान 15 नवम्बर से 31 मई 2017 तक समर्थन मूल्य पर मक्के की खरीदी होगी। राज्य सरकार की एजेंसी के रूप में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) द्वारा और मक्के का उपार्जन छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा।
मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले ने बताया -केन्द्र सरकार ने चालू खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 के लिए धान का समर्थन मूल्य, कॉमन धान के लिए 1470 रूपए और ए-ग्रेड धान के लिए 1510 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। मक्के का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1365 रूपए होगा। इस खरीफ वर्ष में धान खरीदी की अधिकतम सीमा 15 क्विंटल प्रति एकड़ लिंकिंग सहित होगी। श्री मोहले ने बताया -    किसानों के फेल धान बीज की खरीदी समर्थन मूल्य पर 1 मार्च 2017 से 30 अप्रैल 2017 तक किया जाएगा।     विगत तीन वर्षों में औसतन 4 प्रतिशत से ज्यादा कमी देने वाले उपार्जन केन्द्र में कलेक्टर द्वारा अधिकृत अधिकारी के माध्यम से खरीदी की जाएगी।
खाद्य मंत्री ने बताया- समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से धान लाकर सीमावर्ती जिलों के खरीदी केन्द्रों में विक्रय की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती जिलों के कलेक्टर राज्य की सीमा पर चेकिंग दल तैनात करेंगे। उन्होंने बताया -  एक नवम्बर 2016 से 30 अप्रैल 2017 तक अन्य राज्यों से धान का आयात आयुक्त/संचालक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति की अनुमति से ही हो सकेगा। सुपर फाईन किस्म का धान, जो 1700 रूपए प्रति क्विंटल से अधिक लागत का हो, के आयात के लिए आयुक्त/संचालक खाद्य की अनुमति लेना आवश्यक नहीं होगी। आयातक को धान आयात करने की सूचना जिला खाद्य अधिकारी को देना होगा।  राईस मिलर को धान अग्रिम सी.एम.आर. जमा करने पर अथवा शतप्रतिशत प्रतिभूति/कैश गारंटी के विरूद्ध प्रदाया किया जाएगा, किंतु अनुबंधित मात्रा का अंतिम 50 प्रतिशत धान केवल शतप्रतिशत प्रतिभूति/कैश गारंटी के विरूद्ध ही प्रदाय किया जाएगा। अंतर जिला मिलिंग की स्थिति में केवल शतप्रतिशत प्रतिभूति/ कैश गारंटी के विरूद्ध ही धान प्रदाय किया जाएगा।
श्री मोहले ने बताया - खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में ऊपार्जित एवं राज्य शासन द्वारा संधारित शासकीय धान की अरवा/ उसना कस्टम मिलिंग पर भारत सरकार द्वारा निर्धारित कस्टम मिलिंग दर के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जो इस प्रकार होगी- मिलर के द्वारा मिल की दो माह की मिलिंग क्षमता तक के बराबर धान की कस्टम मिलिंग करने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान नहीं की जाएगी। मिलर के द्वारा मिल की दो माह की मिलिंग क्षमता से अधिक एवं छह माह की मिलिंग क्षमता तक धान की कस्टम मिलिंग कर चावल जमा करने पर अरवा कस्टम मिलिंग के लिए 40 रूपए प्रति क्विंटल एवं उसना कस्टम मिलिंग के लिए 10 रूपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मिलर द्वारा मिल की छह माह की मिलिंग क्षमता से अधिक धान की कस्टम मिलिंग कर चावल जमा करने पर अरवा कस्टम मिलिंग के लिए 45 रूपए और उसना कस्टम मिलिंग के 15 रूपए प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। श्री मोहले ने यह भी बताया कि     प्रदेश की 42 मंड़ी प्रांगणों और 73 उप मंडी प्रांगणों का उपयोग धान खरीदी के लिए किया जाएगा।

 

क्रमांक-3214/स्वराज्य

 


मंत्रिपरिषद ने सूखा पीड़ित किसानों को दी एक बड़ी राहत

पिछले वर्ष के छूटे हुए लगभग 19 हजार किसानों को
18.43 करोड़ की फसल बीमा राशि का भुगतान राज्य सरकार के मद से

इनमें से राजनांदगांव जिले के 8220 किसानों को
मिलेगी 8.53 करोड़ से ज्यादा राशि

कबीरधाम जिले के पांच हजार किसानों को
मिलेगा 5.28 करोड़ से ज्यादा भुगतान

       रायपुर, 27 सितम्बर 2016

राज्य सरकार ने पिछले खरीफ वर्ष 2015 के सूखा प्रभावित 18 हजार 761 किसानों को आज एक बड़ी राहत देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इन किसानों को केन्द्र सरकार से स्वीकृति की प्रत्याशा में राष्ट्रीय कृषि फसल बीमा योजना के लगभग 18 करोड़ 43 लाख रूपए के बीमा दावों का भुगतान राज्य शासन के मद से शुरू करने का निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले ने बताया कि खरीफ वर्ष 2015 में राष्ट्रीय कृषि फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर छह लाख 48 हजार किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार 677 करोड़ 61 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका था। योजना के तहत पात्रता रखने वाले छूटे हुए 18 हजार 761 किसानों को केन्द्र सरकार से स्वीकृति की प्रत्याशा में राज्य सरकार ने 18 करोड़ 43 लाख रूपए का बीमा दावा भुगतान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया-इसमें से 50 प्रतिशत राशि अर्थात नौ करोड़ 21 लाख 50 हजार रूपए केन्द्र की ओर से प्राप्त होने हैं। शेष 50 प्रतिशत राशि राज्यांश के रूप में प्रदेश सरकार द्वारा दी जाएगी। फिलहाल केन्द्र से राशि मिलने की प्रत्याशा में सम्पूर्ण 18 करोड़ 43 लाख रूपए के बीमा दावों की राशि राज्य सरकार अपने बजट से देगी। केन्द्र से राशि आने पर उसका समायोजन कर लिया जाएगा। प्रदेश के 95 पटवारी हल्कों के 18 हजार 761 किसानों को इसका लाभ मिलेगा। इनमें से आठ हजार 220 किसान राजनांदगांव जिले के 25 पटवारी हल्कों के हैं, जिन्हें आठ करोड़ 53 लाख 65 हजार रूपए का फसल बीमा भुगतान मिलेगा। कबीरधाम जिले के 36 पटवारी हल्कों के चार हजार 966 किसानों को पांच करोड़ 28 लाख 69 हजार रूपए का भुगतान किया जाएगा। बालोद जिले के 13 पटवारी हल्कों के तीन हजार 428 किसानों को दो करोड़ 73 लाख 45 हजार रूपए दिए जाएंगे। बेमेतरा जिले के दो पटवारी हल्कों के 467 किसानों को 33 लाख 43 हजार रूपए, बिलासपुर जिले के तीन पटवारी हल्कों के 595 किसानों को 43 लाख 82 हजार रूपए, गरियाबंद जिले के सात पटवारी हल्कों के 481 किसानों को 53 लाख 12 हजार रूपए, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एक पटवारी हल्के के 15 किसानों को एक लाख 13 हजार 237 रूपए का भुगतान मिलेगा।
महासमुन्द जिले के एक पटवारी हल्के के 112 किसानों को लगभग तीन लाख 84 हजार रूपए के बीमा दावों का भुगतान किया जाएगा। रायपुर जिले के दो पटवारी हल्के के 88 किसानों को लगभग सात लाख 97 हजार रूपए का भुगतान मिलेगा। कोरिया जिले के चार पटवारी हल्कों के 349 किसानों को 43 लाख 66 हजार रूपए का भुगतान किया जाएगा।

क्रमांक-  3215/स्वराज्य
 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक: किसानों और गरीबों के लिए विद्युत वितरण कम्पनी को मिलेगी 1955 करोड़ की बैंक गारंटी

रायपुर, 14 अक्टूबर 2016

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गयी । बैठक में किसानों के लिए कृषक समृद्धि योजना और गरीबों के लिए संचालित एकल बत्ती कनेक्शन योजना की समीक्षा की गई। दोनों योजनाओं के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी (सीएसपीडीसीए) को 1955 करोड़ रूपए की बैंक गारंटी देने का निर्णय बैठक में लिया गया। 


क्रमांक-3512/स्वराज्य

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक : राज्य के 16 जिलों में भारत रक्षित वाहिनियों में 2700 आरक्षकों की होगी जिला स्तरीय भर्ती

स्टार्ट-अप छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने के लिए युवाओं को मिलेगा आकर्षक अनुदान पैकेज

मुंगेली जिले में चार मार्गों पर जनता को मिलेगी सिटी बस सेवा

रायपुर, 08 नवम्बर 2016

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। केबिनेट ने राज्य के 16 नक्सल प्रभावित जिलों में चार भारत रक्षित वाहिनियों के लिए आरक्षकों के 2700 पदों की जिला स्तरीय सीधी भर्ती करने का निर्णय लिया। यह भर्ती राज्य स्तरीय रोस्टर के स्थान पर जिला स्तरीय रोस्टर के अनुसार की जाएगी। इनमें से 75 प्रतिशत अर्थात 2025 पद बीजापुर, सुकमा, बस्तर, दंतेवाडा, कांकेर, नारायणपुर, कोण्डागांव और राजनांदगांव जिलों के लिए होंगे। शेष 675 पदों के लिए जशपुर, कोरिया, सरगुजा, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बालोद और बलरामपुर जिलों में भर्ती की जाएगी। यह भर्ती आरक्षण रोस्टर के अनुसार होगी। 
मंत्रिपरिषद ने स्टार्टअप छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के तहत राज्य के युवाओं को उद्योगों की स्थापना के लिए स्टार्टअप पैकेज देने का भी निर्णय लिया। इसके अंतर्गत सावधि ऋणों पर भुगतान किए गए ब्याज का 75 प्रतिशत की दर से अधिकतम 70 लाख रूपए वार्षिक ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह स्थायी पूंजी निवेश अनुदान भी मिलेगा, जिसमें सूक्ष्म और लघू उद्योगों के लिए 35 प्रतिशत (अधिकतम 60 लाख रूपए), मध्यम उद्योगों के लिए 35 प्रतिशत (अधिकतम 70 लाख रूपए), वृहद उद्योगों के लिए 35 प्रतिशत (अधिकतम 110 लाख रूपए), और मेगा उद्योगों के लिए 40 प्रतिशत (अधिकतम 350 लाख रूपए) का अनुदान होगा। बिजली शुल्क से शत प्रतिशत की छूट दी जाएगी। भूमि क्रय अथवा लीज पर भी स्टाम्प शुल्क से पूर्ण छूट मिलेगी। लिए गए ऋण पर भी तीन वर्ष तक स्टाम्प शुल्क से छूट रहेगी। 
बैठक में जिला मुख्यालय मुंगेली से लगे हुए चार मार्गो पर सिटी बस चलाने का भी निर्णय लिया इससे आम जनता को सस्ता किराए पर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। ये सिटी बसे मुंगेली से बोधारापारा व्हाया कंतेली 17 किलोमीटर, मुंगेली से सिंगारपुर व्हाया बीजातराई, सेतगंगा 17 किलोमीटर, मुंगेली से चकरभाठा व्हाया टेमरी, सिंघबांधा 20 किलोमीटर तथा मुंगेली से पंडरभट्ट, छपई 16 किलोमीटर मार्ग पर चलाई जाएगी इसके लिए इन मार्गो को शहरी क्षेत्र घोषित करने का निर्णय लिया गया। 
बैठक में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र) नियम 2016 जारी करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत राज्य सरकार एक आंतरिक शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करेगी, जिसमें कॉल सेन्टर, हेल्पलाईन, नोडल अधिकारी की पदस्थापना या ऐसा तंत्र जैसा कि विहित किया जाए, सम्मिलित हो सकेगा। इसके अंतर्गत राज्य खाद्य आयोग का भी गठन किया जाएगा।


क्रमांक-3858/स्वराज्य

कैबिनेट के निर्णय

रायपुर, 13 दिसम्बर 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय इस प्रकार है:-

प्रदेश के 16 शहरों के आसपास बस चलाने हेतु
लायसेंस शुल्क में छूट देने का निर्णय

यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए सिटी बस के लायसेंस शुल्क में भारी छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इस छूट के लिए 16 शहरों के 93 मार्गों को शहरी मार्ग के रूप में मान्यता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। पूर्व में एक साधारण यात्री बस के संचालन के लिए लगभग छह हजार रूपए मासिक कर देना होता था। मंत्रिपरिषद के इस निर्णय के बाद अब प्रतिमाह लगभग एक हजार रूपए कर देय होगा। इसका लाभ रायपुर, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग-भिलाई, अम्बिकापुर, राजनांदगांव, खैरागढ़, कबीरधाम, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-नैला, कोरिया, बस्तर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा और जशपुर शहर की जनता को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल एकोनॉमी को बढ़ावा देने कार्ड स्वाईप मशीन को वेट से मुक्त करने का निर्णय

मंत्रिपरिषद द्वारा विमुद्रीकरण के बाद में छत्तीसगढ़ में नगद रहित लेन-देन (डिजिटल एकोनॉमी) को बढ़ावा देने के लिए कार्ड स्वाईप मशीन को मूल्य संवर्धित कर (वेट) से पूर्णतः मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में इस हेतु जारी अधिसूचना का अनुमोदन किया गया। स्वाईप कार्ड मशीन पर वर्तमान वेट की दर 14.5 प्रतिशत है, जिसे पूर्णतः कर मुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अब तक 66 हजार से अधिक स्वाईप मशीनों के क्रय के आवेदन विभिन्न बैंकों को प्राप्त हो चुके हैं।
           राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ में 1.10.2016 से 31.12.2016 की अवधि के लिए सामान्य भविष्य निधि तथा अंशदायी भविष्य निधि पर 8 प्रतिशत ब्याज दर निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।
           छत्तीसगढ़ राज्य में स्थानीय निवासी महिला अभ्यर्थियों को ही आरक्षण एवं उच्चतर आयु सीमा में छूट प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति हेतु विशेष उपबंध) नियम 1997 में संशोधन करने के निर्णय लिया गया है।
             इसके तहत महिला अभ्यर्थियों के लिए लागू 30 प्रतिशत पद का आरक्षण और उच्चतर आयु सीमा में छूट का लाभ केवल छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी महिला अभ्यर्थियों को ही मिलेगा।

क्रमांक-4404/कुशराम
 

Date: 
1 February 2016 - 11am