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मंत्रिपरिषद के निर्णय- 2017

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में केबिनेट की बैठक

शिक्षित बेरोजगारों के हित में बड़ा फैसला-सीधी भर्ती के पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा में वर्ष 2017 तक पांच वर्ष की छूट, विशेष वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष इस कैलेण्डर वर्ष तक जारी रहेगी

रेखीय परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण पर मुआवजे के 50 प्रतिशत के बराबर या अधिकतम पांच लाख रूपए का पुनर्वास अनुदान मिलेगा: निर्णय का लाभ जनवरी 2014 से मिलेगा

रायपुर, 03 जनवरी 2017 

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में नये कैलेण्डर वर्ष 2017 की पहली केबिनेट की बैठक हुई। बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। स्थानीय शिक्षित बेरोजगारों, राईस मिलरों, सड़क, रेल मार्ग, नहर आदि से प्रभावित भू-विस्थापितों के व्यापक हित में कई बड़े फैसले किए गए।

  • छत्तीसगढ़ राज्य के शिक्षित बेरोजगारों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य के स्थानीय निवासियों को सीधी भर्ती के पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष में 5 वर्ष की छूट और अन्य विशेष वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा में देय सभी छूटों को मिलाकर उनके लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष की अवधि को कैलेण्डर वर्ष 2017 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

उल्लेखनीय कि राज्य शासन द्वारा स्थानीय निवासियों को अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष में दी गई पांच वर्ष की छूट कैलेण्डर वर्ष 2016 की समाप्ति तक दी गई थी, जिसकी अवधि 31 दिसम्बर 2016 को समाप्त हो गई थी। इसी तरह वर्ष विशेष वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 17 दिसम्बर 2014 को दी गई सभी छूटों को मिलाकर उनके लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई थी, इसकी अवधि को कैलेण्डर वर्ष 2017 तक बढ़ाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

  • पुनर्गठित रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के आरक्षण के प्रतिशत को संशोधित करने का निर्णय लिया गया। फरवरी 2013 में रायपुर संभाग का पुनर्गठन करने के बाद दुर्ग संभाग का गठन हुआ। संभागों के पुनर्गठन के फलस्वरूप वर्तमान रायपुर संभाग और दुर्ग संभाग में वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर संभागों और उनके अन्तर्गत शामिल जिलों के लिए आरक्षण का प्रतिशत संशोधित करने की आवश्यकता को देखते हुए निम्नानुसार निर्णय लिया गया:-

रायपुर संभाग में प्रचलित आरक्षण का प्रतिशत

प्रस्तावित आरक्षण का प्रतिशत

अनुसूचित जाति का 13 प्रतिशत

अनुसूचित जाति का 14 प्रतिशत

अनुसूचित जनजाति का 17 प्रतिशत

अनुसूचित जनजाति का 17 प्रतिशत

अन्य पिछड़ा वर्ग का 14 प्रतिशत

अन्य पिछड़ा वर्ग का 14 प्रतिशत

दुर्ग संभाग में प्रचलित आरक्षण प्रतिशत

वर्तमान में लागू नहीं

अनुसूचित जाति का 12 प्रतिशत

 

अनुसूचित जनजाति का 17 प्रतिशत

 

अन्य पिछड़ा वर्ग का 14 प्रतिशत

बलौदाबाजार जिले में प्रचलित आरक्षण प्रतिशत

अनुसूचित जाति का 10 प्रतिशत

अनुसूचित जाति का 21 प्रतिशत

अनुसूचित जनजाति का 37 प्रतिशत

अनुसूचित जनजाति का 13 प्रतिशत

अन्य पिछड़ा वर्ग का 14 प्रतिशत

अन्य पिछड़ा वर्ग का 14 प्रतिशत

  • रेखीय परियोजनाओं (सड़क, रेल मार्ग, नहर आदि) के लिए भूअर्जन से प्रभावित प्रत्येक खातेदार को भूमि के मुआवजे के अतिरिक्त पुनर्वास अनुदान के रूप में इतनी राशि दी जाएगी, जो भूमि के मुआवजे के 50 प्रतिशत के बराबर अथवा अधिकतम 5 लाख रूपए होगी। यह निर्णय भूतलक्षीय प्रभाव से एक जनवरी 2014 से लागू करने का निर्णय लिया गया।
  • मिलर द्वारा दो माह की मिलिंग क्षमता से कम धान की अरवा मिलिंग कर सम्पूर्ण चावल जमा करने पर उसे कोई प्रोत्साहन राशि देय नहीं होगी, केवल भारत सरकार द्वारा निर्धारित कस्टम मिलिंग दर दी जाएगी, लेकिन विशेष परिस्थितियों में (जैसे धान उपार्जन एंजेसी द्वारा मिलिंग के लिए धान उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में ,इत्यादि) प्रबंध संचालक मार्कफेड द्वारा प्रकरण का पूर्ण परीक्षण किया जाएगा और गुण-दोषों के आधार पर मिलर के द्वारा मिलिंग की गई उपरोक्त धान की मात्रा पर दो महीने की मिलिंग क्षमता के बराबर धान मिलिंग करने पर निर्धारित प्रोत्साहन राशि दी जा सकेगी।
  • खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग के लिए अनुमोदित नीति में संशोधन करने का निर्णय लिया गया । इसके अनुसार मिलर द्वारा अपने राईस मिल की दो महीने की कस्टम मिलिंग क्षमता के बराबर धान की मिलिंग कर सम्पूर्ण चावल जमा करने पर उसे अरवा कस्टम मिलिंग के लिए 30 रूपए प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

बारदाना व्यवस्था -खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में मिलरों के पास शेष एक भर्ती बारदानों को मिलरों की अभिरक्षा में रखी धान उपार्जन एजेंसी (मार्कफेड) की परिसम्पति मानी जाएगी और उनका उपयोग अगले खरीफ विपणन वर्ष में धान खरीदी के लिए किया जाएगा। मिलरों के पास शेष ऐसे एक भर्ती बारदानों की कटौती की दर बारदानों की मूल कीमत 62 प्रतिशत के मान से सुरक्षा निधि के रूप में मार्कफेड द्वारा रखी जाएगी, इसमें से मिलर द्वारा 50 प्रतिशत राशि बैंक गारंटी के रूप में और 50 प्रतिशत की राशि मिलर को देय भुगतान से कटौती कर रखी जाएगी।

  • जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिलासपुर को 10 करोड़ रूपए का सॉफ्ट लोन छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) रायपुर से लेने के लिए राज्य शासन द्वारा दी गई शासकीय प्रत्याभूति का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया और देय 5 प्रतिशत प्रत्याभूति शुल्क की छूट देने का भी निर्णय लिया गया।

क्रमांक-4794/स्वराज्य

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद
की बैठक: कई महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर 24 जनवरी 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो इस प्रकार हैं:-

  • छत्तीसगढ़ आबकारी (संशोधन) अध्यादेश 2017 का अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद के  अनुमोदन के पश्चात यह अध्यादेश अनुमोदन के लिए माननीय राज्यपाल को भेजा जाएगा। 
  • अध्यादेश के अनुसार देशी तथा विदेशी मदिरा दुकानों के राजस्व को सुरक्षित रखने तथा राज्य की जनता के स्वास्थ्य हित की दृष्टि से देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर विक्रय का अधिकार सार्वजनिक उपक्रम को दिया जाएगा।  इसके लिए राज्य शासन के पूर्ण स्वामित्व वाली नवीन सार्वजनिक उपक्रम बनाया जाएगा। 
  •  इस पर अमल के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 18 (क) में संशोधन हेतु अध्यादेश लाने का निर्णय लिया गया।
  • बस्तर और सरगुजा संभागों के सभी जिलों के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती में उसी जिले के स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने का प्रावधान 17 जनवरी 2012 से लागू किया गया था। इसकी अवधि समय-समय पर बढ़ायी गई थी। वर्तमान में अवधि 16 जनवरी 2017 को समाप्त हो गई है, जिसे 17 जनवरी 2017 से 31 दिसम्बर 2018 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि वर्तमान में इन प्रावधानों से दोनों संभागों में 10 हजार 526 आदिवासी युवाओं को शासकीय सेवाओं में नियुक्ति मिली है। 
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली में आवश्यकता के अनुसार दो माह का राशन एक साथ वितरित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। राशन कार्डधारक एक साथ दो माह का राशन एक साथ ले सकेंगे। राज्य शासन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। प्रत्येक राशन दुकान में चावल महोत्सव का आयोजन कर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने राशन का वितरण किया जाएगा। पीडीएस में दो माह के चावल का आबंटन 3 लाख 48 हजार टन होगा, जिसे एक मुश्त प्रदाय करने पर आपूर्ति निगम के गोदामों में पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध होगा। 
  • पंजीकृत किसान जो अपना धान 31 जनवरी की मध्य रात्रि के पूर्व समितियों के उपार्जन केन्द्रों में लाएंगे, उनका धान अवश्य खरीदा जाएगा।क्रमांक-5183/कुशराम

 

केबिनेट के निर्णय (दिनांक 15.2.2017)

रायपुर 15 फरवरी 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के बाद वाणिज्यिक-कर और उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने केबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। मंत्रिपरिषद में लिए गए फैसले इस प्रकार हैं:-
कोचियों पर लगेगा प्रभावी अंकुश

  •     नई आबकारी नीति का अनुमोदन किया गया। इस नीति से कोचियों के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगेगा। राज्य शासन द्वारा आबकारी सचिव की अध्यक्षता 11 सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। समिति में शासन, समाजसेवी संस्थाओं और आम जनता के प्रतिनिधि शामिल किए जाएंगे। समिति देश के पूर्ण शराब बंदी वाले तीन राज्यों का दौरा करेगी। इसके अलावा तीन ऐसे राज्यों का भी दौरा समिति द्वारा किया जाएगा, जहां शराब का विक्रय सरकारी नियंत्रण में होता है। समिति तीन माह में अपनी रिर्पोट राज्य सरकार को देगी। भारत माता वाहनियों को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

सहकारी शक्कर कारखानों को मिलेगा शक्कर का बेहतर मूल्य

  •     सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के लिए नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा निविदा आमंत्रित कर खुले बाजार से शक्कर खरीदी जाएगी। खुली निविदा में राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों को भी शामिल होने की स्वतंत्रता रहेगी। इस निर्णय से प्रदेश के सहकारी शक्कर कारखानों को खुले बाजार में प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा और उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। इसके फलस्वरूप सहकारी शक्कर कारखानांे को सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। खुली निविदा से शक्कर खरीदी की व्यवस्था होने तक पीडीएस के लिए आगामी तीन माह के शक्कर की आपूर्ति राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों द्वारा की जाएगी।


मानव अंगों के अवैध कारोबार में लगे व्यक्तियों के लिए बुरी खबर

  •    केन्द्र के मानव अंग प्रतिरोपण (संशोधन) अधिनियम 2011 का अनुमोदन। मुख्यबिन्दु इस प्रकार है:-

1. पूर्व अधिनियम में दाता और ग्राहिता याने डोनर और रिसिपियेंट के बीच निकट संबंध होना अनिवार्य था, लेकिन मातृ पक्ष को शामिल नहीं किया गया था, अब निकट संबंधों में मातृ पक्ष को भी शामिल किया गया है। इससे दाता और ग्राहता का क्षेत्र विस्तृत हो गया है।

2. अंगों के अतिरिक्त उत्तकों को भी इस संशोधन के दायरे में लाया गया है।
3. इस चिकित्सकीय कार्य में गलत तरीके से अथवा व्यवसाय करने वालों के लिए उकसाने वालों के लिए भी दण्ड का प्रावधान किया गया है।
4. मूल अधिनियम की धारा 18 में जहां 5 वर्ष की सजा और 10 हजार के जुर्माने का प्रावधान था, उसे बढ़ाकर 10 वर्ष की सजा और 20 लाख रूपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
5. इस प्रकार मानव अंगों का प्रतिरोपण (संशोधन) अधिनियम 2011 में कुल 14 संशोधन किए गए हैं। विधानसभा में संकल्प पारित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में स्थापित होगा निजी क्षेत्र का पहला डाटा सेंटर

  •    सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) निवेश नीति 2014-2019 के तहत निवेशकों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का निर्णय। एक बड़ा डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ में स्थापित किया जाएगा।  पाई डाटा सेंटर कम्पनी द्वारा  इस पर लगभग 200 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश किया जाएगा। इसमें करीब 300 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। यह राज्य में निजी क्षेत्र का पहला डाटा सेंटर होगा।


अन्य विषय
 

  •     भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई के निर्माण कार्यों के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र से ली गई 130 एकड़ जमीन के बदले अन्य जमीन देने के प्रस्ताव का  अनुमोदन किया गया।
  •     स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सम्मान निधि 15 हजार रूपए से बढ़ाकर 25 हजार रूपए की जाएगी।
  •     लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) के लिए भी सम्मान राशि 5 हजार से बढ़ाकर 8 हजार, 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार और 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रूपए किया जाएगा।
  •    राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग में डिप्टीकलेक्टरों के 78 नये पद स्वीकृत। अब इन पदों की संख्या 372 से बढ़कर 450 हो जाएगी।
  •     राज्य भविष्य निधि पर देय ब्याज दर 1 जनवरी 2017 से 31 मार्च 2017 तक 8 प्रतिशत पर स्थिर रखा जाएगा।

क्रमांक /5627/स्वराज्य

 



 

Date: 
3 January 2017 - 7am